Shimla Municipal Corporation Elections: मेयर-डिप्टी मेयर का नहीं हुआ चुनाव, कौन पेश करेगा शिमला नगर निगम का बजट?

कपिल देव

शिमला.  हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में  नगर निगम (Shimla Municipal Corporations) का बजट फरवरी माह में पेश होगा. हालांकि, इस बार का बजट मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षदों के बिना पेश किया जाएगा. प्रशासक और डीसी शिमला (DC Shimla) आदित्य नेगी बजट पेश करेंगे. ये पहली बार होगा कि शिमला नगर निगम में मेयर बजट नहीं पेश करेगी.

जानकारी के अनुसार,  बजट को लेकर नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. नगर निगम ने सभी शाखाओं से बजट में शामिल किए जाने वाले कार्यों की जानकारी मांगी है. नए प्रस्ताव भी इसमें शामिल किए जाने हैं. फरवरी माह में प्रशासक उपायुक्त आदित्य नेगी नगर निगम का बजट पेश करेंगे. प्रशासन ने सभी विभागों से दो दिन के भीतर आय-व्यय का लेखा-जोखा मांगा है, ताकि तैयारियां पूरी कर बजट को अंतिम रूप दिया जा सके.

आपके शहर से (शिमला)

हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश

बजट में नगर निगम के आय के संसाधनों को कैसे बढ़ाया जा सकता है, इसको लेकर कुछ नई योजनाएं और नए टैक्स शुरू करने पर विचार किया जा रहा है. आय बढ़ाने के लिए संपत्ति कर, दुकानों के किराये, पार्किंग फीस सहित अन्य आय के संसाधनों को मजबूत करने पर नगर निगम विचार कर रहा है. निगम के जितने भी आय के स्रोत हैं, उससे अधिक आय कैसे मिल सकती है, इसको लेकर विभागों से सुझाव मांगें हैं. विभागों को बताना होगा कि कैसे आय को बढ़ाया जा सकता है.

क्या कहते हैं अधिकारी

नगर निगम के आयुक्त आशीष कोहली ने कहा कि नगर निगम का फरवरी माह में बजट पेश होना है, लेकिन इस बार मेयर डिप्टी मेयर नहीं है तो ऐसे में प्रशासक बजट पेश करेंगे. इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी और सभी शाखाओं को निर्देश दे दिए गए है. उन्होंने कहा कि लोग भी बजट को लेकर सुझाव दे सकते है. बजट तैयार कर प्रशासक उपायुक्त शिमला के समक्ष रखा जाएगा, जोकि बजट को पेश करेंगे. उन्होंने कहा कि शहरवासियों को सुविधाएं देने के लिए बजट पेश किया जाएगा.

कोर्ट में गया था मामला

शिमला में नगर निगम चुनाव विधानसभा से पहले होने थे, लेकिन वार्डों के पुनर्सीमांकन के विवाद के चलते कोर्ट ने चुनाव पर रोक लगा दी थी. पूर्व सरकार के समय में शहर में वार्डों की संख्या को 34 से बढ़ाकर 41 कर दिया गया था, जिसमे से कुछ पार्षदों ने आपत्ति जताई थी और कोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने 5 नए वार्डो के दोबारा पुनर्सीमांकन के निर्देश दिए है. तब से मामला लटका हुआ है.

Tags: Himachal election, Himachal pradesh, Shimla corporation election, Shimla Monsoon

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *