Punjab News: खेतों में धू-धू कर जल रही पराली, सर्दियों के मौसम में बिगड़ सकती है हवा की सेहत

हाइलाइट्स

मोगा में सामने आई पराली जलाने की घटना
डीसी ने पराली जलाने वालों पर कार्रवाई की कही बात
सर्दियों के मौसम में हवा की गुणवत्‍ता बिगड़ने की आशंका गहराई

मोगा. बारिश का दौर थमते ही पंजाब में पराली जलाने का दौर शुरू हो गया है. इससे प्रशासन के साथ ही आमलोगों की चिंता भी बढ़ गई है. पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज गड़बड़ रहने की वजह से पराली जलाने की घटनाओं पर विराम लगा हुआ था. मौसम के साफ होने और धूप खिलने से प्रदेश में किसानों ने पराली जलाना शुरू कर दिया है. इससे सर्दियों के मौसम में हवा की गुणवत्‍ता पर विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ने लगी है. सरकार और प्रशासन की तरफ से किसानों को खेतों में पराली न जलाने की लगातार सलाह दी जाती रही है. इसका असर भी पड़ा है, लेकिन पराली जलाने की समस्‍या का पूर्ण समाधान अभी तक नहीं हो सका है. पराली जलाने से सिर्फ पंजाब ही नहीं, बल्कि दिल्‍ली-एनसीआर में भी वायु प्रदूषण की स्थिति काफी भयावह हो जाती है.

मोगा में किसानों द्वारा पराली जलाने की घटना सामने आने के बाद स्‍थानीय प्रशासन भी सतर्क हुआ है. मोगा के डीसी कुलवंत सिंह ने बताया कि पराली जलाने में संलिप्‍त पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्‍होंने आगे बताया कि खेतीबारी की पृष्‍ठभूमि वाले सरकारी कर्मचारियों से अंडरटेकिंग ली जा रही है कि वे पराली नहीं जलाएंगे. पराली जलाने की घटना को रोकने के लिए सरकार की ओर से किसानों से तरह-तरह के वादे किए गए हैं. इसके बावजूद पंजाब में अभी तक इस समस्‍या का पूर्ण समाधान नहीं हो सका है. हालांकि, पराली जलाने वालों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है.

मोगा के डीसी कुलवंत सिंह ने परालाी जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है. (ANI)

दिल्‍ली पर भी पड़ता है प्रभाव
पंजाब में पराली जलाने का असर देश की राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली पर भी पड़ता है. खासकर सर्दियों के मौसम में दिल्‍ली-एनसीआर की आवोहवा इस कदर खराब हो जाती है कि उसमें सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है. वायु गुणवत्‍ता सूचकांक (AQI) काफी गंभीर स्‍तर तक पहुंच जाता है. वायु प्रदूषण के खतरनाक हालात के लिए पराली जलाने की घटना को भी जिम्‍मेदार ठहराया जाता है, ऐसे में संबंधित प्रदेशों की सरकार और स्‍थानीय प्रशासन किसानों को ऐसा न करने की लगातार सलाह देते रहते हैं. पराली जलाने के मामले में कानूनी कार्रवाई की भी व्‍यवस्‍था की गई है.

सुप्रीम कोर्ट में भी उठ चुका है मामला
दिल्‍ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्‍तर इस हद तक खतरनाक हो जाता है कि उसमें सांस लेना दूभर हो चुका है. खेतों में पराली जलाने का मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुका है. शीर्ष अदालत इस मसले पर संबंधित प्रदेशों से जवाब-तलब भी कर चुकी है. साथ ही किसानों को वैकल्प्कि सुविधा मुहैया कराने की बात भी कही जा चुकी है. इन तमाम प्रयासों के बावजूद पंजाब के मोगा में पराली जलाने की घटना सामने आई है.

(इनपुट: ANI)

Tags: Air Pollution AQI Level, National News, Punjab news, Stubble Burning

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