Nainital: झील के भीतर से प्रकट हुई थीं मां भगवती, एक पत्थर पर साक्षात दिखते हैं देवी के 9 रूप!

रिपोर्ट- हिमांशु जोशी

नैनीताल. उत्तराखंड का नैनीताल नैसर्गिक सौंदर्यता के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी अहम जिला है. यहां कई सिद्धपीठ व प्राचीन मंदिर हैं, जिनका जिक्र पुराणों में भी दर्ज है. नैनीताल की ठंडी सड़क पर स्थित है मां दुर्गा का एक प्राचीन मंदिर, जिसे पाषाण देवी (Pashan Devi Temple Nainital) के नाम से जाना जाता है. इस मंदिर में शिला रूप में मां दुर्गा वास करती हैं. इस मंदिर की खासियत है कि यहां माता भगवती की 9 पिंडियां अपने आप अवतरित होकर आई हैं. पहाड़ी में देवी मां ने अपने 9 के 9 रूप पत्थर पर दिखाए, इसलिए यह मंदिर पाषाण देवी के नाम से प्रसिद्ध है और 9 रूप होने की वजह से इन्हें नव दुर्गा के रूप में भी पूजा जाता है.

मंदिर के पुजारी पंकज भट्ट बताते हैं कि पाषाण देवी मंदिर एक प्राचीन मंदिर है. वर्तमान में उनकी तीसरी पीढ़ी इस मंदिर की सेवा कर रही है. पाषाण देवी को नैनीताल की सबसे प्राचीन देवी माना जाता है. दरअसल जितनी पुरानी नैनीताल की झील है, उतना ही पुराना मां भगवती का स्वरूप भी माना गया है. नवरात्रि के दौरान यहां विशेष रूप से माता की आरती और पूजा अर्चना होती है. जबकि स्थानीय लोग देवी को बौधाण देवता के रूप में भी पूजते हैं. उन्होंने कहा कि पहले के जमाने में आसपास के गांव में जब भी गाय बछड़े को जन्म देती थी, तब उसका पहला दूध इसी मंदिर में चढ़ाया जाता था.

देवी मां के गर्दन से ऊपरी शरीर का हिस्सा, आंखें, कान, नाक प्रत्यक्ष रूप से दिखते हैं और गर्दन से नीचे का शरीर जैसे उनकी भुजाएं और पादुकाएं ताल के अंदर विराजमान हैं. देवी का यह रूप ताल के अंदर से अपने आप प्रकट हुआ था. पत्थर पर 8 रूप पिंडियों के हैं और एक रूप मुख के रूप में प्रकट हुआ था.

Tags: Nainital news, Nainital tourist places, Navratri

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *