दिल्‍ली में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की खैर नहीं, DCW स्‍वाति मालीवाल ने उठाया ये कदम

नई दिल्‍ली. पिछले कुछ दिनों में दिल्‍ली में नशे में धुत होकर गाड़ी चलाने वालों का आपराधिक रिकॉर्ड बढ़ गया है. कंझावला में 20 साल की लड़की को कार से टक्‍कर मारकर और कई किलोमीटर तक घसीटकर हत्‍या के मामले के बाद हाल ही में दिल्‍ली महिला आयोग की अध्‍यक्ष स्‍वाति मालीवाल के साथ भी शराबी कार ड्राइवर ने छेड़छाड़ की और करीब 15 मीटर तक घसीटा. अब राजधानी में शराब पीकर गाड़ी चलाने की बढ़ती घटनाओं पर दिल्ली महिला आयोग ने बड़ा कदम उठाया है.

दिल्‍ली महिला आयोग ने शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर नकेल कसने को लेकर दिल्‍ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा अभी तक की गई कार्रवाई की जांच शुरू कर दी है. इस संबंध में आयोग ने दिल्‍ली ट्रैफिक पुलिस को नोटिस जारी कर दिल्ली पुलिस से कुछ मुद्दों पर जवाब मांगा है. आयोग ने पूछा है कि क्या शराब पीकर गाड़ी चलाने के अपराध में शामिल लोगों की पहचान के लिए ब्रेथ एनालाइजर का इस्तेमाल फिर से शुरू कर दिया गया है? इसके अलावा यह जानने की कोशिश की गई है कि नशे में ड्राइविंग के खतरे की जांच के लिए ब्रेथ एनालाइजर का उपयोग फिर से शुरू नहीं करने के क्या कारण हैं? आयोग ने दिल्ली पुलिस से दिल्ली पुलिस के पास उपलब्ध कार्यात्मक ब्रेथ एनालाइजर परीक्षण मशीनों की संख्या बताने के लिए भी कहा है?

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली की सड़कों पर शराब पीकर गाड़ी चलाने की बढ़ती घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा कि कंझावला घटना के दौरान आरोपियों ने जमकर शराब पी रखी थी. एक अन्य घटना में 19 जनवरी को रात में लगभग 3 बजे नशे की हालत में एक कार सवार व्यक्ति ने एम्स बस स्टॉप के सामने रिंग रोड पर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष का भी यौन उत्पीड़न किया और कार के शीशे में हाथ फंसाकर घसीटा.

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क्‍यों बंद हुआ ब्रेथ एनालाइजर का उपयोग? 

अपने नोटिस में आयोग ने कहा है कि शराब पीकर गाड़ी चलाना न केवल दुर्घटनाओं के सबसे आम कारणों में से एक है बल्कि महिला सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है. इस खतरे को तत्काल रोकने की जरूरत है. आयोग ने दिल्ली पुलिस द्वारा कोविड-19 महामारी के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वालों की पहचान करने के लिए ब्रेथ एनालाइजर के इस्तेमाल पर रोक लगाने का मुद्दा भी उठाया है.

इसके अलावा आयोग ने दिल्ली पुलिस द्वारा 2017 से नशे में गाड़ी चलाने के लिए जारी किए गए चालानों की संख्या और विशेष रूप से 31 दिसंबर 2023 की रात को शाम 6 बजे से 9 बजे के बीच जारी किए गए ऐसे चालानों की संख्या पूछी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने पुलिस से उसके सवालों का जवाब 24 जनवरी तक देने को कहा है.

कझावला केस के बाद पुलिस ने क्‍या किया ? 

स्वाति मालीवाल ने कहा, ‘मेरे रात में घूमने का एक प्रमुख निष्कर्ष यह था कि दिल्ली में लोग जिस बेशर्मी से शराब पीकर गाड़ी चला रहे हैं, वह महिलाओं और लड़कियों के लिए गंभीर सुरक्षा चिंता पैदा कर रहा है. इसकी तत्काल जांच किए जाने की जरूरत है. मैंने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को एक नोटिस जारी किया है कि वे इस खतरे को रोकने के लिए खासकर दिल्ली की सड़कों पर 5 नशे में धुत लोगों द्वारा अंजलि की हत्या के बाद उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दें.’

Tags: Alcohol, Delhi news, Swati Maliwal

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