जेएनयू ने कहा, हिंसा के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति, छात्रों ने मांगी सेक्सुअल हरैसमेंट कमेटी | JNU said, zero tolerance policy towards violence, students asked for Sexual Harassment Committee

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली पीएचडी की एक छात्रा के साथ गंभीर वारदात हुई है। छात्र जहां इसे बलात्कार के प्रयास की वारदात बता रहे हैं, वहीं पुलिस ने इसे छात्रा से अश्लीलता व छेड़छाड़ का मामला बताया है। 3 दिन पहले हुई इस वारदात के बाद पहली बार विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। विश्वविद्यालय का कहना है कि वे कैंपस के भीतर रहने वाले सभी लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। हालांकि जेएनयू के छात्र इससे असंतुष्ट हैं और उन्होंने सेक्सुअल हरैसमेंट कमेटी को बहाल करने की मांग की है।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र संगठन पुलिस कार्रवाई और विश्वविद्यालय प्रशासन के रवैए से नाखुश हैं। सुरक्षा में हुई इस चूक के खिलाफ जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र पुलिस मुख्यालय के समीप प्रदर्शन के लिए भी जुटे। छात्रों के एक अन्य संगठन ने जेनयू के वसंत विहार पुलिस स्टेशन के समीप प्रदर्शन किया। छात्र संगठन ने फिर से जेंडर सेंसटाइजेशन कमेटी अगेंस्ट सेक्सुअल हरैसमेंट को बहाल करने की मांग की है।

जेएनयू के छात्र संगठन एसएफआई और डीवाईएफआई का कहना है कि तीन दिन बीत गए लेकिन छात्रा से हुए बलात्कार के प्रयास के मामले में दिल्ली पुलिस अब भी नाकाम है। इन छात्रों का कहना है कि जेएनयू में हुए अटेम्प्ट-टू-रेप मामले में अभी तक गिरफ्तारी क्यों नहीं, दिल्ली पुलिस इस बात का जवाब दे। छात्र इस वारदात और आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में आक्रोश जताने के लिए विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।

गौरतलब है कि जेएनयू में पीएचडी की छात्रा के साथ आधी रात को छेड़छाड़ की वारदात ने जेएनयू परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रशन खड़ा कर दिया है। जेएनयू के छात्रों का कहना है पीड़ित छात्रा से उस वक्त छेड़छाड़ की गई जब वह विश्वविद्यालय परिसर परिसर में घूम रही थी।

जेएनयू छात्र नेता आईसी घोष ने इस मुद्दे पर अपना रोष प्रकट करते हुए जेएनयू छात्र संघ के सभी छात्रों को शुक्रवार शाम विश्वविद्यालय परिसर स्थित साबरमती ढाबे पर एकत्र होने के लिए कहा है। आईसी का कहना है कि इस मामले में अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी न होना नाराजगी का बड़ा कारण है। विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और इस मामले में सख्ती के साथ टाइम बाउंड इन्वेस्टिगेशन की जाए। इस पूरे घटनाक्रम पर जेएनयू का कहना है कि यह एक निंदनीय घटना है जो जेएनयू कैंपस में 17-18 जनवरी मध्यरात्रि को नर्सरी के पास आर्यभट्ट रोड पर हुई थी।

जेएनयू के रजिस्ट्रार ने बताया सुरक्षा शाखा के साथ जेएनयू प्रशासन जांच की प्रक्रिया में पुलिस के साथ घनिष्ठ रूप से समन्वय कर रहा है। इस घटना से संबंधित जानकारी के लिए, स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि ऐसे में वे तुरंत सुरक्षा शाखा या पुलिस को सूचित करें। जेएनयू प्रशासन ने किसी भी प्रकार की हिंसा के प्रति जीरो टॉलरेंस के लिए अपना संकल्प दोहराया परिसर है। जेएनयू रजिस्ट्रार ने कहा कि अभी इस मामले की जांच चल रही है, सभी हितधारकों अनुरोध है कि वे सतर्क रहें। विश्वविद्यालय अपने सभी कैंपस निवासियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

(आईएएनएस)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *