गैर मर्द से नहीं मिला सकती हाथ, ना जा सकती हैं स्टेडियम, मगर पिता कर सकता है शादी! बेहद अजीब हैं ये कानून

महिलाओं के खिलाफ़ प्रताड़ना और उनके विरोध में चल रही परंपराओं का पालन बहुत से देश समाज और सांप्रदाय का अभिन्न अंग हैं. कहीं कानून के तहत इसे शह दी जाती है तो कही चाहकर भी इस पर रोक लगा पाना मुमकिन नहीं हो पाता. लेकिन कुछ देश तो ऐसे हैं जो महिला विरोधी कानूनों का पुरज़ोर समर्थन करते हैं और उसे कभी न खत्म करने के लिए अड़े रहते हैं लेकिन कभी कभी विरोध की आवाज गूंजती है तो सत्ता भी डगमगाती है ठीक वैसे ही जैसे ईरान इन दिनों एंटी हिजाब का प्रदर्शन झेल रहा है.

ईरान में महिलाओं के हिजाब पहनने को लेकर कानून इतने सख्त हैं कि इसका विरोध करने पर महसा अमिनी नाम की लड़की को पुलिस हिरासत में लिया गया, जहां उसकी मौत हो गई. फिर ऐसा विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ जो ईरान के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा. दुनिया भर में एंटी हिजाब पर प्रदर्शन शुरु हो गए. ये तो सिर्फ एक कानून है. ईरान ऐसे ढेरों अजीबोगरीब कानूनों से भरा पड़ा है जो सिर्फ और सिर्फ महिला विरोधी हैं. कहा जाता है कि 1979 में हुई इस्लामिक क्रांति ने ईरान को बदल दिया और महिलाओं की आज़ादी को छीनने वाले ढेरों कानून लागू कर दिए गए.

गैर मर्दों से हाथ मिलाने पर मनाही, हिजाब है ज़रूरी
अगर ईरान में औरतें गैर मर्दों से हाथ मिलाती हैं और उन्हें सार्वजनिक जगहों पर ऐसा करते देख लिया गया तो जुर्माना और कैद हो सकती है. वहीं बात की जाए हिजाब की, तो यहां के इस्लामिक धर्मगुरुओं के मुताबिक 12 साल से ज्यादा उम्र की लड़कियों का चेहरा या शरीर पिता पति या भाई के अलावा कोई और नहीं देख सकता हालांकि इस कानून के खिलाफ़ अक्सर वहां आवाजें उठती रहती हैं.

सौ.canva:कभी स्टेडियम में फुटबाल मैच देखने की थी मनाही, कानून बदलने के बाद भी कई बार करना पड़ा रोक-टोक का सामना

स्टेडियम में फुटबॉल मैच देखने की मनाही
एक वक्त था जब ईरान में महिलाएं स्टेडियम जाकर फुटबॉल मैच नहीं देख सकती थीं. लेकिन इस कानून का नतीजा ये हुआ की एक फुटबॉल प्रेमी सहर खोडयारी ने खुदकुशी कर ली. जिसके बाद ईरान को इस कानून में बदलाव करना पड़ा. असल में फुटबॉल मैच देखने के लिए 29 साल की शहर ने मर्द का रूप बदला था. लेकिन सिक्युरिटी को उसपर शक हो गया और उसे रोक दिया गया. फिर कोर्ट द्वारा बताया गया कि उसे 6 महीने की जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है. जिसके बाद कोर्ट से बाहर आते ही सहर ने पेट्रोल छिड़का और खुद को आग के हवाले कर दिया, एक हफ्ते तक तड़पने के बाद उसकी मौत हो गई. फिर तो सरकार के महिला विरोधी कानूनों को लेकर बहस तेज हो गई. नतीजा ये हुआ कि 40 साल बाद ईरान में फुटबॉल मैच देखने की महिलाओं को अनुमति मिली. हालांकि 2022 के विश्व कप क्वालीफायर के लिए उन्हें स्टेडियम में प्रवेश नहीं दिया गया.

शादी को लेकर बेहद अजीब हैं नियम
द गार्डियन में छपी एक खबर के मुताबिक, ईरान में 2013 को एक ऐसा कानून पास हुआ जिसके तहत एक पिता अपनी बेटी से शादी कर सकता है. हालांकि इसमें एक बदलाव ये है की पिता अपनी गोद ली हुई बेटी से शादी कर सकता है. बस उसकी उम्र 13 साल या इससे ज्यादा होनी चाहिए. हालांकि इस कानून का भी विरोध बहुत हुआ था. लेकिन अब यह नहीं पता की अब तक ये कानून लागू हैं या इसमें कोई संशोधन हुआ.

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